गरियाबंद। राजिम के त्रिवेणी संगम तट स्थित नवीन मेला मैदान, राजिम-चौबेबांधा में आयोजित राजिम कुंभ कल्प का भव्य समापन महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर संपन्न हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने मुख्य मंच पर भगवान राजीव लोचन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। अपने उद्बोधन की शुरुआत उन्होंने भगवान श्री राजीव लोचन, कुलेश्वर महादेव, राजिम दाई, छत्तीसगढ़ महतारी और भारत माता के जयघोष के साथ की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजिम की पावन भूमि, जहां महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों का दिव्य संगम होता है, सदियों से तप, त्याग और आध्यात्मिक चेतना की साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि राजिम को “छत्तीसगढ़ का प्रयाग” कहा जाना इसकी आध्यात्मिक गरिमा को दर्शाता है।
उन्होंने महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान शिव त्याग, साधना और सेवा के प्रतीक हैं और उनका संदेश आज के समय में संतुलन, संयम और समर्पण का मार्ग दिखाता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु आवागमन, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले वर्षों में राजिम कुंभ मेला-स्थल को और अधिक सुव्यवस्थित एवं भव्य बनाया जाएगा तथा इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित आध्यात्मिक आयोजन के रूप में स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने प्रदेशवासियों से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और युवा पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने का आह्वान किया।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का विराट उत्सव है। इस वर्ष पंचकोसी धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग की थीम ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया। उन्होंने कहा कि संतों के आशीर्वाद को समाज के नैतिक मार्गदर्शन का आधार कहा तथा किसानों की समृद्धि के लिए भगवान राजीव लोचन और कुलेश्वर नाथ से प्रार्थना की। आयोजन से जुड़े प्रशासन, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत उत्सव है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। राजिम को राष्ट्रीय पटल पर प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि इससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
राजिम विधायक रोहित साहू ने कहा कि राजिम मेला की यह प्राचीन परंपरा रही है। राजिम कुंभ कल्प को नवीन मेला मैदान में प्रारंभ करने का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री को है। उन्होंने कहा कि आज लोगों में राजिम कुंभ के प्रति उत्साह जागृत हुई है। राजिम कुंभ में सनातन संस्कृति को जगाने का काम किया है। अपने धर्म के प्रति श्रद्धा के भाव बढ़े हैं। संत समागम के दौरान संतों का आशीर्वाद लोगों को मिला है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राजिम कुंभ कल्प का आयोजन बहुत ही दिव्यता एवं भव्यता के साथ किया जाएगा। कार्यक्रम को अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य गृह भंडार निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, धर्मस्व विभाग के सचिव रोहित यादव, रायपुर आयुक्त महादेव कावरे, गरियाबंद कलेक्टर बीएस उईके, एसपी वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद गिरी महाराज, राजेश्री महंत राम सुंदरदास महाराज, स्वामी राजीव लोचनदास महाराज, महंत नरेंद्र दास महाराज, साध्वी महंत प्रज्ञा भारती, स्वामी गंगादास उदासीन महाराज, स्वामी ज्ञानस्वरूपानंद अक्रिय जी महाराज, संत विचार साहेब महाराज, महंत रविकर साहेब, नारायण भाई प्रजापिता ब्रह्मकुमार, पुष्पा बहन प्रजापिता ब्रह्मकुमारी, हेमा बहन ब्रह्मकुमारी सहित बड़ी संख्या में आचार्य महंत, साधु-संतों की गरिमामय उपस्थिति रही।
Feb 15, 2026
