रायपुर । Senior Journalist Lalit Singh; छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित गणेश विनायक आई हॉस्पिटल में 31 मई 2026 को आयोजित एक कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार ललित सिंह को ‘उदंत मार्तंड गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इस मौके ललित सिंह ने कहा कि न्यू मीडिया और एआई के जमाने में भी पत्रकारों को अपनी लेखनी और पेशे को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। अपने पेशे के साथ हमेशा मौलिकता बनाये रखें। मौलिक लेखनी ही करें। कट, कॉपी , पेस्ट से आपकी पहचान नहीं बनेगी। मौलिक रचना ही आपके व्यक्तित्व की पहचान बनेगी। कोई भी तकनीत आये जा जाये पर आपकी मौलिकता हमेशा बरकरार रहेगी।
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने “मार्तण्ड गौरव सम्मान एवं पत्रकार संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले के लिये सिंह को “मार्तण्ड गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया।

Udant Martanda Gaurav Samman in raipur;; विशेष वक्ता पॉजिटिव हेल्थ ज़ोन के डॉ. अनिल गुप्ता ने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और वैदिक विज्ञान के समन्वय (इंटीग्रेशन) की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य में लाइफ फोर्स एनर्जी की भूमिका को विस्तार से समझाया तथा जागरूकता के लिए कुछ अनूठे व्यावहारिक प्रयोगों का प्रदर्शन भी किया, जिन्हें उपस्थित पत्रकारों ने रुचिपूर्वक देखा।
वरिष्ठ पत्रकारों, मीडिया विशेषज्ञों तथा मनोविज्ञान के जानकारों ने पत्रकारों के सामने आने वाले तनाव, भावनात्मक दबाव, कार्य-जीवन संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। प्रतिभागियों ने पत्रकारिता के मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और बदलते मीडिया परिदृश्य पर भी सार्थक चर्चा की।

Senior Journalist Lalit Singh; कार्यक्रम का मुख्य विषय “पत्रकारिता और मानसिक स्वास्थ्य” रहा। इस अवसर पर आयोजित विशेष व्याख्यान एवं विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल युग में 24×7 न्यूज़ कल्चर, ब्रेकिंग न्यूज़ की प्रतिस्पर्धा, सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव और लगातार बढ़ते कार्य-दबाव ने पत्रकारों के मानसिक स्वास्थ्य को एक महत्वपूर्ण विषय बना दिया है।
Udant Martanda Gaurav Samman in raipur; कार्यक्रम का आयोजन इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन (आईएनओ) एवं पॉजिटिव हेल्थ ज़ोन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक चिंतक डॉ. नरेन्द्र पाण्डेय ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “जिस प्रकार समाज हित में सूचना का अधिकार आवश्यक है, उसी प्रकार पत्रकारों के लिए मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है। स्वस्थ मन और संतुलित सोच ही निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता की आधारशिला है।”

कार्यक्रम के दौरान पत्रकार संवाद, अनुभव साझाकरण तथा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पत्रकारों एवं मीडिया जगत से जुड़े लोगों ने सहभागिता की। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ पत्रकार ही समाज को स्वस्थ, संतुलित और विश्वसनीय सूचना उपलब्ध करा सकता है।
Senior Journalist Lalit Singh; आयोजन समिति की ओर से डॉ. सी.एल. सोनवानी (अध्यक्ष, आईएनओ) एवं डॉ. नरेन्द्र पाण्डेय ने कार्यक्रम में शामिल सभी पत्रकारों, अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने का यह अवसर पत्रकारिता के इतिहास, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर गंभीर चिंतन का महत्वपूर्ण मंच बना।
कार्यक्रम के अंत में हाल ही में दिवंगत हुए छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने उनके सामाजिक, योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी कार्यों को याद करते हुए उन्हें जनसेवा के लिए समर्पित व्यक्तित्व बताया।

